भारत में ऑनलाइन गेमिंग बैन: ड्रीम11 और MPL जैसे ऐप्स पर रोक, जानिए पूरा मामला,

नई दिल्ली, 3 सितम्बर 2025 – केंद्र सरकार ने देशभर में रियल-मनी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म्स जैसे ड्रीम11, एमपीएल (MPL), ज़ूपी, विन्ज़ो और पोकरबाज़ी पर बैन लगा दिया है। यह कदम हाल ही में लागू हुए ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत उठाया गया है। इस फैसले ने गेमिंग इंडस्ट्री और खेल जगत दोनों को बड़ा झटका दिया है।

बैन का असर क्या है?

अगर आप ऐसे ऐप्स पर पैसे लगाकर गेम खेलते थे, तो अब ये बदलाव आपके लिए ज़रूरी हैं:

  • आप अपने वॉलेट में पड़ा पैसा निकाल सकते हैं
  • लेकिन अब नया पैसा जमा नहीं कर पाएंगे और पेड कॉन्टेस्ट भी नहीं खेल पाएंगे।
  • नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना और जेल की सज़ा तक हो सकती है।

कंपनियों पर बड़ा झटका

  • ड्रीम11, जो सबसे बड़ा फैंटेसी स्पोर्ट्स ऐप था, उसका लगभग पूरा कारोबार बंद हो गया है।
  • एमपीएल (Mobile Premier League) को अपने भारतीय स्टाफ का करीब 60% कर्मचारियों को नौकरी से निकालना पड़ा
  • कई कंपनियां अब इस कानून को अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रही हैं।

क्रिकेट पर असर

बैन का असर क्रिकेट पर भी पड़ा है। ड्रीम11, बीसीसीआई (BCCI) का बड़ा स्पॉन्सर था। लेकिन अब ये डील खत्म हो गई है। नतीजा यह है कि भारतीय टीम आगामी एशिया कप बिना जर्सी स्पॉन्सर के खेल सकती है। बीसीसीआई नए स्पॉन्सर की तलाश कर रहा है, लेकिन शर्त रखी है कि गेमिंग, क्रिप्टो, शराब और तंबाकू कंपनियां बोली नहीं लगा सकतीं।

क्या अब भी खेल सकते हैं?

सरकार ने साफ किया है कि यह बैन सिर्फ रियल-मनी गेम्स पर है। कैज़ुअल गेम्स और ई-स्पोर्ट्स (जैसे Free Fire MAX) इस बैन से प्रभावित नहीं होंगे।

खिलाड़ियों की चिंता

विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक गेमिंग बंद होने से कई खिलाड़ियों को तनाव, बेचैनी या नींद की समस्या हो सकती है। डॉक्टर डिजिटल डिटॉक्स और काउंसलिंग की सलाह दे रहे हैं।

अगर आप ड्रीम11 या एमपीएल जैसे ऐप्स पर पैसे लगाकर खेलते थे, तो अब ये संभव नहीं होगा। सरकार का कहना है कि यह कदम लोगों को लत और आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए उठाया गया है।


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